रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर सोमवार को शिक्षा विभाग की अहम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। बैठक में प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और संभागीय संयुक्त संचालक शामिल हुए। बैठक में जिलों से पदोन्नति की तैयारियों का स्टेटस लिया गया और आगे की प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षकों की पदोन्नति नई शिक्षा नीति/सेवा भर्ती नियम 2026 में निर्धारित पात्रता के आधार पर की जाएगी। ऐसे में लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए पात्रता की नई शर्तें महत्वपूर्ण हो गई हैं। वहीं डीपीआई की तरफ से जिस तरह के निर्देश JD-DEO को दिये गये हैं, उससे 75000 शिक्षकों के प्रमोशन की राह मुश्किल हो गयी है।
प्रमोशन संबंधी निर्देश DPI नहीं, जिलों से जारी होगा
बैठक में कई जिलों के DEO ने DPI से केद्रीकृत आदेश जारी करने को कहा। कई डीईओ की तरफ से ये कहा है कि डीपीआई की तरफ से अगर प्रमोशन संबंधी पात्रता को लेकर दिशा निर्देश जारी होता है, तो पूरे जिले में एकरुपता रहेगी, जिसके बाद डीपीआई की तरफ से कहा गया कि संचालनालय स्तर पर प्रमोशन संबंध कोई निर्देश नहीं जारी होगा, जिलों से ही शिक्षा नीति 2026 के आधार पर प्रमोशन संबंधी निर्देश जारी किया जाये।
पहले वरिष्ठता सूची, फिर दावा-आपत्ति
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की शुरुआत में सभी जिलों से पदोन्नति की तैयारी को लेकर जानकारी ली गई। कई जिलों ने 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी किए जाने की जानकारी दी, जबकि कुछ जिलों में वरिष्ठता सूची पर दावा-आपत्ति मंगाने की प्रक्रिया शुरू होने की बात बताई गई।इसके बाद DPI के अधिकारियों ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि वरिष्ठता सूची जारी कर तत्काल दावा-आपत्ति आमंत्रित की जाए, ताकि आगे की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
रिक्त पदों को लेकर भी हुई चर्चा
बैठक में जिलों से विभिन्न संवर्गों में उपलब्ध रिक्त पदों की जानकारी भी मांगी गई है। पदोन्नति की प्रक्रिया में रिक्त पदों की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।बताया गया कि वरिष्ठता के आधार पर पात्र शिक्षकों की जानकारी तैयार करने के साथ चल-अचल संपत्ति से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। इसके बाद पदोन्नति कमेटी का गठन किया जाएगा।
प्राथमिक शाला प्रधान पाठक बनने के लिए ये 3 योग्यता जरूरी
बैठक में प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति के लिए तीन प्रमुख योग्यताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। इसके लिए शिक्षक के पास—
1. हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण होना चाहिए।
2. D.El.Ed उत्तीर्ण होना चाहिए।
3. प्राथमिक स्तर की TET उत्तीर्ण होना जरूरी होगा।
Middle School TET होने पर भी नहीं मिलेगा लाभ?
बैठक में यह भी स्पष्ट किए जाने की जानकारी है कि यदि किसी शिक्षक ने प्राथमिक स्तर की TET के स्थान पर मिडिल स्कूल स्तर की TET उत्तीर्ण की है, तो केवल इस आधार पर वह प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद की पदोन्नति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। यानी संबंधित पद के लिए निर्धारित TET की पात्रता पूरी करना जरूरी होगा।
मिडिल स्कूल शिक्षक के प्रमोशन में भी TET अहम
मिडिल स्कूल शिक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए भी तीन स्तर की पात्रता बताई गई है। इसके तहत शिक्षक के पास—
1. स्नातक की डिग्री
2. B.Ed या D.El.Ed
3. मिडिल स्तर की TET उत्तीर्ण होने के साथ साथ प्राथमिक का टीईटी उत्तीर्ण होना जरूरी होगा।
विषय आधारित होगा मिडिल स्कूल शिक्षकों का प्रमोशन
मिडिल स्कूल शिक्षकों की पदोन्नति में विषयवार रिक्त पद भी महत्वपूर्ण होंगे। बैठक में जिलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिस विषय में शिक्षक पदोन्नति के लिए पात्र है, उस विषय का पद संबंधित जिले में रिक्त है या नहीं।इसका सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ सकता है, जो वरिष्ठता सूची में तो आते हैं, लेकिन उनके संबंधित विषय में पद उपलब्ध नहीं है।
वरिष्ठ शिक्षकों के सामने नई पात्रता की चुनौती
नई पात्रता व्यवस्था को लेकर प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षकों की चिंता बढ़ सकती है। खासकर ऐसे वरिष्ठ शिक्षक, जिन्होंने वर्षों तक सेवा की है लेकिन निर्धारित TET अथवा अन्य शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं की है, उनके सामने प्रमोशन को लेकर चुनौती खड़ी हो सकती है।वहीं दूसरी ओर यदि कोई जूनियर शिक्षक निर्धारित तीनों पात्रताएं पूरी करता है, तो पदोन्नति की प्रक्रिया में उसकी पात्रता वरिष्ठता के साथ-साथ निर्धारित नियमों के आधार पर तय होगी। इससे वरिष्ठता और योग्यता के बीच संतुलन को लेकर भी शिक्षकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
75 हजार से ज्यादा शिक्षकों पर पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ में पदोन्नति की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे 75 हजार से अधिक शिक्षकों के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब जिलों को वरिष्ठता सूची, दावा-आपत्ति, रिक्त पद और पात्रता संबंधी जानकारी तैयार करनी होगी।
इसके बाद पदोन्नति कमेटी द्वारा वरिष्ठता सूची में शामिल शिक्षकों के दस्तावेजों की स्क्रूटनी की जाएगी और निर्धारित पात्रता के आधार पर पदोन्नति के लिए नाम तय किए जाएंगे।
वैसे तो जब तक आधिकारिक दिशा निर्देश जारी नहीं होता तब तक कुछ भी कहा नहीं जा सकता।






